सुविचार 4657

” ठोकर ” तो लग ही जाती है,

इसका मतलब ये थोड़ी है कि इंसान चलना ही छोड़ दे.

सुविचार 4655

इस दुनिया में हर इंसान उसी चीज के लिए रोता है जो उसके पास नहीं है ;

जब वो चीज उसके पास होती है तो उसकी वो कद्र नहीं करता है..!

जीवन का दुख यही है कि हम अपने जीवन में मौजूद कमियों को गिनते हैं..

_ और जो हमें मिला है उसकी कद्र करना भूल जाते हैं.!!

आपके जीवन में जो कुछ भी है उसका सम्मान करें..
_ अन्यथा वह किसी और के पास चला जाएगा.. जो उसकी कद्र करता है.!!

सुविचार 4654

दूसरों के व्यवहार को अपने मन की शांति को नष्ट करने का अधिकार न दें.

सुविचार 4653

आपकी असली पहचान आपकी काबिलियत से होती है, आपकी शक्ल सूरत से नहीं..
हमने खोया नही कुछ भी.. बल्कि अपनी ही नाकाबिलियत के चलते हम हर उस चीज़ पे दावा ठोक ही नही पाए, जिसको हम पा सकते थे.!!

सुविचार 4652

आगे बढ़ना है तो बहरे बन जाओ,

कुछ लोगों को छोड़ कर बाकी सब मनोबल गिराने वाले ही होते हैं.

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