सुविचार 4651

हम हार जीत, सक्सेस फेलियर में इतना उलझ गए हैं कि जिंदगी जीना भूल गए हैं,

_ जिंदगी में अगर कुछ सबसे ज्यादा इम्पोर्टेन्ट है तो वो है खुद जिंदगी..

कभी-कभी हार भी ज़रूरी होती है, ताकि हमें अहसास रहे कि मंज़िल तक पहुँचने का सफ़र आसान नहीं होता.!!
जो व्यक्ति बार-बार जीतने की कोशिश करता रहता है, वह जीतने वाले व्यक्ति से बेहतर है, भले ही वह न जीत पाए, तो क्या हुआ ?

_ क्योंकि कभी-कभी जीत और हार के पीछे कई अन्य कारक भी होते हैं, लेकिन पराजित व्यक्ति की क्षमता का इससे अंदाजा नहीं लगाया जा सकता..
_ इसलिए वह व्यक्ति हारकर भी जीत जाता है.!!

सुविचार 4649

*अच्छे के साथ अच्छे बनें *पर बुरे के साथ बुरे नहीं*

*….क्योंकि -**हीरे से हीरा तो तराशा जा सकता है लेकिन कीचड़ से**कीचड़ साफ नहीं किया जा सकता*

आजकल तो अच्छे वही माने जाते हैं..
_ जो दूसरों के अनुसार झुक जाएँ.. बाक़ी सब ‘रूखे’ कहलाते हैं.!!

सुविचार 4647

लोगों की बातों से क्यों परेशान होते हो, लोग तो कुछ भी बोल कर निकल जाते हैं ;

जब हालात बदलते हैं, तो लोगों के बोल बदल जाते हैं.

सुविचार 4646

जिन्दगी से यही सीखा है हमने कि मेहनत करो, रुकना नहीं,

_ हालात कैसे भी हों, किसी के सामने झुकना नहीं..

हमें हालात नहीं तोड़ते, उनसे आँखें चुराना तोड़ देता है.!!
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