सुविचार 4694
जो व्यक्ति दुःखों और असफलता को स्वीकार करके निरंतर आगे बढ़ता है,
उसकी सफलता दुनिया की कोई ताकत नहीं रोक सकती.
उसकी सफलता दुनिया की कोई ताकत नहीं रोक सकती.
काम करने वालों, की तलाश, रहती है..,
अभी उम्र नहीं है और अब उम्र नहीं है..
लेकिन इनकी छाप…हमेशा दूसरों के हृदय में विराजमान रहती है..
जब ये बात हम सभी जानते हैं__ तो फिर मानते क्यों नहीं ..?