सुविचार 5025

दूसरों की छाँव में रहकर अपनी पहचान खो जाती है..

_ अपनी पहचान बनाने के लिए खुद धूप सहनी पड़ती है.!!

सुविचार 5023

जब आप को ऐसा लगनें लगे की —— आप अकेले नहीं हैं …..आप के साथ सम्पूर्ण अस्तित्व है …. तब समझना की …..आप सही मार्ग पर हैं, और ….रब का आयाम अब ज्यादा दूर नहीं.!!

सुविचार 5022

कभी-कभी यूँ ही चलते चलते मैं अचानक ठहर जाता हूँ.

_ न जाने क्यों कदम अपने आप रुक जाते हैं, और भीतर कहीं से एक सवाल उभर आता है.. आख़िर जाना कहाँ है ?

_ क्या कोई निश्चित मंज़िल है, या ये रास्ते ही मंज़िल बन जाते हैं ?

_ ज़िंदगी भी तो एक अनवरत यात्रा है, जहाँ हर ठहराव हमें सोचने पर मजबूर करता है .. कि हम जिस ओर बढ़ रहे हैं, वह सच में हमारा होना चाहिए या नहीं..

_ शायद पहुँच जाना कहीं दूर नहीं, बल्कि सही दिशा में बढ़ते रहना ही असली पहुँच है.!!

सुविचार 5021

ज़िन्दगी वही है.. जो जी रहे हैं..

_ ये करेंगे वो करेंगे.. वो तो बस ख़्वाब हैं.!!

सुविचार 5020

हर कोई अपने आप में व्यस्त है और पहले अपने काम निपटाने में लगा है.

_ कोई भी आपके लिए ज़्यादा देर तक कुछ नहीं करना चाहता,

_ वो आपको कुछ करने का सुझाव दे सकता है, लेकिन आपको सब अकेले ही करना होगा.

_ यही इस दुनिया की त्रासदी है.. कोई भी आपको बचाने नहीं आ रहा है.!!

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