सुविचार 4630 | Aug 22, 2025 | सुविचार जो कर्म को छोड़ कर भागेगा, उसकी कर्म की ऊर्जा व्यर्थ के कामों में सक्रिय हो जाती है.
सुविचार 4629 | Aug 21, 2025 | सुविचार हम ही अपने रोज़मर्रा के विचारों से – अपनी इच्छाओं, अपने आकर्षण – विकर्षण और अपनी पसंद- नापसंदगी से अपनी नियति का निर्माण करते हैं. दरअसल, हमारी पसंदीदा चीज़ें ही हमारी हद और सीमाओं को बयान करती हैं, _ वे हमें बताती हैं कि हमने अब तक उससे बेहतर कुछ देखा ही नहीं, कभी जिया ही नहीं, और शायद महसूस भी नहीं किया…! इंसान पसंद नहीं आते हुए भी बहुत कुछ करता है. _ पसंद न आते हुए भी उसी जगह पूरी जिंदगी निकाल देता है. _ सब कुछ इंसान की पसंद से होता भी कहां है ?
सुविचार 4628 | Aug 20, 2025 | सुविचार बात उसी से करो जो आपसे बात करना चाहे, यूं किसी के पीछे पड़ कर खुद को जलील करवाना अच्छी बात नहीं.
सुविचार 4626 | Aug 18, 2025 | सुविचार जब इंसान का बुरा वक्त आता है, तो उसमें उसको अच्छे लोग याद आते हैं, लेकिन उस वक्त उनको वो खो चुका होता है.