मस्त विचार 4700
सबको अपनी – अपनी कहानी की पड़ी है,
सामने वाले की यहाँ सुनना कौन चाहता है ?
सामने वाले की यहाँ सुनना कौन चाहता है ?
पर कभी कभी लगता है ऐसे…हम एक दूसरे को मिल जाते तो होता बेहतर सबसे !
जिस दिन समझदार बन गया..सह नही पाओगे…
कोई उफनते समंदर से निकल आता है तो कोई किनारों पे डूब जाता है “
बोल पाना आज भी मेरे वश की बात नहीं….
किसी से कुछ कहने के लिए..