मस्त विचार 4874

आग़ाज़ रो कर और अंत सो कर होना तो तय है,

_ क्यों ना सफर थोड़ा हँस कर गुज़ार लिया जाए।।

ज़िन्दगी अपनी कहानी स्वयं लिखती है..

_ वो भी कागजो व प्लानिंग पर लिखी जाने वाली ज़िन्दगी से अलग.!!

मस्त विचार 4869

बेखबर हो गए कुछ लोग _ जो हमारी जरूरत तक महसूस नहीं करते,,,

कभी बहुत बाते किया करते थे हमसे _ अब खैरियत तक पूछा नहीं करते,,,

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