मस्त विचार 4141
मैं किसी से बेहतर करूँ क्या फ़र्क़ पड़ता है लेकिन
_ मैं किसी का बेहतर करूँ बहुत फ़र्क पड़ता है..
किसी को कोई फ़र्क़ नहीं पड़ता कि आप क्या चाहते हो ?
_ सबको बस एक फ़िक्र है, आप कितना उनकी हां में हाँ मिला पाते हो..!!
_ मैं किसी का बेहतर करूँ बहुत फ़र्क पड़ता है..
_ सबको बस एक फ़िक्र है, आप कितना उनकी हां में हाँ मिला पाते हो..!!
मैंने गलतिया आपसे ज्यादा कर-करके सिखा है..!!
आज तेरी कमी ने रुला दिया मुझे !!!
_ जिसे लोग धुंदली होने पर घर से बाहर फैंक देते हैं !!
लेकिन ‘जीवन’ का सारा संघर्ष सिर्फ ‘जीवित रहने’ के लिए है…
हम कुछ ‘सपने’ जरूर बुनते हैं,
लेकिन ‘तकदीर’ में तो कुछ और लिखा होता है…
खुदगर्ज जब हुए, तो फिर सीरत बदल गई..!!