मस्त विचार 3947
जज़्बात कहते हैं.. खामोशी से बसर हो जाए..
दर्द की ज़िद है की दुनिया को खबर हो जाए..!
सब एक दूसरे से हैं बेखबर,
_मगर सबके पास खबर है..!
दर्द की ज़िद है की दुनिया को खबर हो जाए..!
_मगर सबके पास खबर है..!
_ क्योंकि ये वही लोग हैं, जो आपको छलांग लगाना सिखाएंगे..
_ मैं गुजरा वक्त नहीं हूँ जो वापस ना आ सकूँ !!?
_ लेकिन, बात-बात पर रंग बदले इतने रंगीन भी नहीं है हम…
_ अश्क़ जितने भी थे सब नाम मेरे तौल दिये हैं..