मस्त विचार 3933

हाँ, आपको तो खुश होना चाहिए, _ सबकी तक़दीर में नहीं था मैं..
तक़दीर ने यह कह कर बड़ी तसल्ली दी है मुझे..

_ कि वो लोग तेरे काबिल नहीं थे, जिन्हें तुझसे दूर किया मैंने..

जब इंसान तक़दीर से हार जाता है, तो उसके भीतर उम्मीद का दीया बहुत धीमे जलता है,

_ ऐसे वक़्त में कोई अगर बस औपचारिकता में भी पूछ ले कैसे हो ?
_ तो वो भी दवा जैसा लगता है, जैसे किसी ने उसकी चुप्पी को सुन लिया हो..
_ कभी-कभी प्यार जताने की ज़रूरत नहीं होती, बस मौजूदगी ही बहुत बड़ी राहत बन जाती है…!

मस्त विचार 3930

निकले थे इसी आस पे कि किसी को अपना बना लेंगे ,,

_ एक ख्वाहिश ने उम्र भर का मुसाफ़िर बना दिया ..!!

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