मस्त विचार 4016

गर्दिश तो चाहती है, #तबाही मेरी मगर..

_ मजबूर है किसी की #दुआओं के सामने..!!

ज़िन्दगी तबाही के किनारे पे खड़ी है और आपको तेरी-मेरी पड़ी है..!!
जान तक देने की बात होती है यहां…!

_ पर यकीन मानो, दुआ तक दिल से नही देते लोग…!!

मस्त विचार 4014

कमियां निकालने की भी पात्रता [Eligibility] होती है,

_ पहले पात्रता अर्जित कीजिए, उसके बाद ही कमियां निकालिए..!!

लोगों ने मुझ में इतनी कमियां निकाल दी कि,

_ खूबियों के सिवाय अब मुझ में कुछ बचा ही नहीं..

प्रतिदिन स्वयं पर थोड़ा-थोड़ा करके काम करें..

..अपनी कमियां, अपनी खामियां दूर करते जाएँ,

_जब तक कि आपका असली स्वयं प्रकट न हो जाए.

मस्त विचार 4011

तुम्हारे जीवन की नाव तो चल ही चुकी है..

_ अब तुम हंसते हुए पहुंचो या रोते हुए, ये तुम पर निर्भर करता है..

दो नावों पर सवार थी उसकी ज़िन्दगी,

_ मैंने अपनी नाव डूबा कर उसका सफ़र आसान कर दिया.!!

कितना अजीब है ना…

_ सबको पार लगाने वाली नाव आखिर में नदी में ही रह जाती है..!!

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