मस्त विचार 4010
शुभ मुहूरत का इंतजार न करें, आप जिंदा हैं
_ उससे बड़ा शुभ दिन और कौन सा हो सकता है, शुरुआत करें..
_ उससे बड़ा शुभ दिन और कौन सा हो सकता है, शुरुआत करें..
जब तुम्हें शिकायत – ” वक़्त और जमाने ” से नहीं बल्कि ” खुद ” से होगी..
कि, जिंदगी सामने थी और मैं संसार में उलझा रहा..!!
_ जो कल तक मुझे अपना हिस्सा बताया करते थे..!!
_ पर मैँ तो पानी की तरह से और ऊँचा हो गया.
_ मेरी चंद लाइनों में सिर्फ तेरा ही ” जिक्र ” होता है ..!!!!