मस्त विचार 3959
एक मुद्दत के बाद मुस्कुराए तो ख्याल आया,
_कभी हम यूँ भी खुद को___ अच्छे लगते थे.
_कभी हम यूँ भी खुद को___ अच्छे लगते थे.
_ ये जीवन शून्य से ऊपर कभी नज़र न आया..
_क्योंकि अकेला रहने में सुकून मिलने लगा है..
_ जो चलते हुये….रुकने की कला सिखाते हैं…!!
_क्योंकि समय वह है जिससे जीवन बना है.