मस्त विचार 4583
चल ख़्वाब छोड़ नींद से उठ..
जिंदगी फिर बुला रही है ” जीने के लिए “
जिंदगी फिर बुला रही है ” जीने के लिए “
तो आप जीवन की पहली परीछा में हार गए हैं.
_ क्योंकि कबाड़ के व्यापारी को, हीरे की परख नहीं होती.
इससे तो अच्छा है कि हम प्यार से अपनी लड़ाई ख़त्म कर लें.
ये सोच भी, आपके _ अपरिपक्व होने की निशानी है.
तकलीफ़ तब होती है जब उस दुःख में कोई साथ नहीं होता…!!