मस्त विचार 3586

ज़िन्दगी में जिसे लोगों की पहचान करनी आ गयी…

उसकी जिंदगी में तकलीफें बहोत कम हो जाती हैं.

तकलीफें तो भुलाई जा सकती हैं जनाब,

_मगर जान बूझकर तकलीफें देने वालों को नहीं..

मस्त विचार 3584

बहुत अजीब लगता है, सबके होते हुए भी, किसी का साथ न होना.
बहुत ही अजीब था मैं, समझना खुद को था..

_ पर दुनिया को समझने में पूरी ज़िन्दगी गुज़र दी..!

मस्त विचार 3583

ज्यादातर समय, हमारे जीवन में छोटी-छोटी चीजें होती हैं ;

_ जो हमारे जीवन को बदल देती हैं.

” सिर्फ जीने और जिंदा रहने में बहुत फर्क है.! “

मस्त विचार 3581

हमारी सबसे बड़ी चिंता इस बात से नहीं होती है कि वास्तव में क्या हो रहा है,

_ बल्कि यह है कि जो हो रहा है उसके बारे में हम कैसे सोचते हैं.

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