मस्त विचार 3586
ज़िन्दगी में जिसे लोगों की पहचान करनी आ गयी…
उसकी जिंदगी में तकलीफें बहोत कम हो जाती हैं.
तकलीफें तो भुलाई जा सकती हैं जनाब,
_मगर जान बूझकर तकलीफें देने वालों को नहीं..
उसकी जिंदगी में तकलीफें बहोत कम हो जाती हैं.
_मगर जान बूझकर तकलीफें देने वालों को नहीं..
अपनी वैल्यू कम करने की कोई जरुरत नहीं..
_ पर दुनिया को समझने में पूरी ज़िन्दगी गुज़र दी..!
_ जो हमारे जीवन को बदल देती हैं.
” सिर्फ जीने और जिंदा रहने में बहुत फर्क है.! “
_ बल्कि यह है कि जो हो रहा है उसके बारे में हम कैसे सोचते हैं.