मस्त विचार 4663
जब बेअसर होने लगे मन्नतों के धागे,
समझ लो और इम्तिहान है इसके आगे..
समझ लो और इम्तिहान है इसके आगे..
लेकिन परेशान हूं ये कहने के लिए कोई बहुत ख़ास चाहिए..
…..…………………………कोशिश को नहीं..!!
जिन्दगी वही है जिसे रोज जिया जाए.
जो सोचता था हम एक दूसरे के बिना जी नहीं पाएंगे…!!!