मस्त विचार 3176
” ना रहे मन में किसी के टीस, सदैव मुस्कुराता रहे आपका 2022 “
हमारे लिए साल का बदलना तभी सार्थक है, जब हम भी इसके साथ स्वयं बदलें.
ये साल तो पिछले साल से भी बत्तर निकला !
हम वक्त को ऐसे खर्च कर रहे हैं..
आज उसी ने सिखा दिया हद में रहना…
बस इंसान उन्हें छुपाने के हुनर सीख जाता है.
मैं अरसे से ख़ामोश हूँ, वो बरसों से बेख़बर है..