मस्त विचार 3383

हम हमेशा शिकायत करते रहते हैं कि हमारे जीवन के दिन थोड़े हैं,

_ पर काम ऐसे करते रहते हैं मानो हमारा अंत कभी न होगा.

मस्त विचार 3380

हमसे नफरत करने वाले भी कमाल के लोग हैं, हमें देखना भी नहीं चाहते _

_ मगर हमपे नज़र और हमारी हर खबर रखते हैं..

नजरअंदाज भी करता है, नजर भी रखता है..

वह इन दिनों मेरी, कुछ यूं खबर भी रखता है..

मस्त विचार 3379

जो मेरा है मेरा ही रहेगा; ये मैं जानता हूँ _

और जो मेरा नहीं रहा…मैं मान लूँगा वो कभी मेरा था ही नहीं…!!!!

मस्त विचार 3378

ना दौलत, ना शोहरत, ना वाह- वाह चाहिए,

कहां हो, कैसे हो, बस इन्हीं दो लफ़्जों की परवाह चाहिए !

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