मस्त विचार 3383
हम हमेशा शिकायत करते रहते हैं कि हमारे जीवन के दिन थोड़े हैं,
_ पर काम ऐसे करते रहते हैं मानो हमारा अंत कभी न होगा.
_ पर काम ऐसे करते रहते हैं मानो हमारा अंत कभी न होगा.
_ वही निकले हैं मेरी तलाश में कश्तियां लेकर…
_ विपत्तियों में इन्सान, ज्यादा निखरते हैं….!!
_ मगर हमपे नज़र और हमारी हर खबर रखते हैं..
वह इन दिनों मेरी, कुछ यूं खबर भी रखता है..
और जो मेरा नहीं रहा…मैं मान लूँगा वो कभी मेरा था ही नहीं…!!!!
कहां हो, कैसे हो, बस इन्हीं दो लफ़्जों की परवाह चाहिए !