मस्त विचार 3395
वो पथ भी कोई पथ है क्या, जिस पथ में बिखरे शूल न हों !!
_ नाविक की धैर्य परीछा क्या, जब धारा ही प्रतिकूल न हो !!!
_ नाविक की धैर्य परीछा क्या, जब धारा ही प्रतिकूल न हो !!!
_ जिस का काम बोझा सर पे हो,
_ आप का शुभ होते ही चिंतित हो जाते हैं.!
_यूँ बंद आँखों से सोया भी नहीं जाता,