मस्त विचार 3172
मैं कफ़स हूँ उड़ान मैं ही हूँ, _ खुद अपना आसमान मैं ही हूँ.
मैं अरसे से ख़ामोश हूँ, वो बरसों से बेख़बर है..
तुम आओ तो सही, हम शाम को सवेरा कह देंगे..
कभी आप भी सामने वाले को समझने की कोशिश कीजिए !
उन्हें पूरा करने के लिए जी जान नहीं लगाते…!!!