मस्त विचार 3389
शायद कोई तराश कर किस्मत संवार दे, _
_ यही सोच कर मैं उम्र भर पत्थर बना रहा.
_ यही सोच कर मैं उम्र भर पत्थर बना रहा.
क्या सच में आज सब कुछ इतना बुरा है ?
क्या सच में पहले सब कुछ बुरा था ?
क्या सच में आज सब कुछ अच्छा है ?
या हमें सिर्फ बुरा देखने की आदत बन गई ..
_ जो आप नहीं चाहते की दूसरे आपके साथ करें..