मस्त विचार 3344

आज कल दुनिया ऐसी हो गई है, जब किसी की जिंदगी में नए लोग आ जाते हैं, _

_ तो वो पुराने लोगों की अहमियत ही भूल जाता है.

मस्त विचार 3341

आज का युग भी बड़ा अजीब है, _

_ आप का दुःख दूसरों का मनोरंजन का साधन है ..

किसी जमाने में अपनों के कांटे निकाले जाते थे,

_ अब तो अपनों की राह में कांटे बिछाए जाते हैं ..

अब तो कोयले भी काले नहीं लगते,

_ जब से जाना है अंदर से इंसान को..!!

मस्त विचार 3340

उन्हें रब पर यकीन है, इसलिए साथ लेकर नही उड़तें…

परिन्दें पेट भरके दाने छत पर छोड़ जाते हैं…

मस्त विचार 3339

“हर कोई सुख की चाबी ढूंढ़ रहा है,”

_पर सवाल यह है कि ” सुख को ताला किसने लगाया है ” ???

ज़िंदगी से जिंदगी का ज़िंदगी भर था सवाल, आखिर किया क्या ज़िंदगी भर..
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