मस्त विचार 3351

बार बार आईना देखता हूँ, बस इसलिए की जो, अंदर बिखरा पड़ा है _

_वो चेहरे पर तो नहीं दीखता न ,,,

मस्त विचार 3350

” चिराग जलाने का सलीका सीखो साहब,

_ हवाओं पे इल्ज़ाम लगाने से क्या होगा ! “

जिंदगी जीने के लिए जिंदगी जीने का सलीका सीखना पड़ता है..!

_ तूफ़ान के पल में ही खुद को साबित करना पड़ता है..!!

मस्त विचार 3349

बोलने से पहले – सुनना सीखो, _

_ खर्च करने से पहले – कमाना सीखो ..

कमाने की सोचो जमाने की नहीं, जमाना सिर्फ दो ही चीज दे सकता है ;

_ सलाह और ताना, खाने को खाना नहीं..!!

मस्त विचार 3348

एक उड़ते हुए गुब्बारे पर क्या खूब लिखा था, _

_ वो जो बाहर है वह नहीं लेकिन वह जो भीतर है __ वही आप को ऊपर ले जाता है..

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