मस्त विचार 3287
तट पर बैठे बैठे तेरे हाथ कहाँ कुछ आएगा,
रत्न मिलेंगे तुझको जब सागर की तह में जाएगा.
रत्न मिलेंगे तुझको जब सागर की तह में जाएगा.
_ क्योंकि कुछ बातों को गुप्त रखना भी एक चतुराई है.
_ जो उस भटकाव से सबक़ लेते हैं और अपनी यात्रा को सुनियोजित करते हैं.
_ उन पर करना मत कभी, कैसा भी विश्वास.