मस्त विचार 3181

कोई केवल यह कह कर काम नहीं चला सकता कि ” मैं तुमसे प्यार करता हूँ “

प्यार के लिए _ प्यार होते दिखना बहुत ज़रूरी है..

जहां प्यार होता है,_ वहां नाराजगी होती है नफरत नहीं.

मस्त विचार 3180

मुझे मत सिखाइये की ज़िन्दगी कैसे जीते हैं,

आप मुझसे सिखीये कि जिन्दा रहकर हर ग़म को कैसे पीते हैं.

मस्त विचार 3179

मुझे कौन याद करेगा इस मतलबी दुनिया में ऐ- खुदा,

बिना मतलब के तो ये लोग तुझे भी याद नहीं करते.

मस्त विचार 3177

नसीब की बारिश कुछ इस तरह से होती रही मुझ पर,

_ ख्वाइशें सूखती रही और पलकें भीगती रही.

मन के अंदर भी ऋतुएं बदलनी चाहिए.

_ लंबे अकाल के बाद एक बरसात तो अंदर भी होनी चाहिए..
…और जब बरसात हो तो कोई झींसी-फूंसी नहीं, बस धारासार बरसे और बरसते ही रहे.
_ इतनी बारिश हो अंदर कि बहुत कुछ बह जाए… बहुत सी स्मृतियाँ, बहुत से लोग जो अंदर घर कर बैठे हैं, सब बह जाएँ.!!
– दर_बदर
error: Content is protected