मस्त विचार 3122

गर जो तूफ़ान कोई तेरे अंदर है,

वो एक कतरा भी, फिर समुन्दर है…

ज़िन्दगी में है तूफ़ान और ना ही धूल छंट रही है..

_ पर हर कोई कहता कि ‘हम ठीक हैं’

मस्त विचार 3121

हम तो हंसते हैं दूसरों को हंसाने के लिए,

वरना ज़ख्म इतने हैं की ठीक से रोया भी नहीं जाता.

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