मस्त विचार 4634
मेरी ये बे रूख़ी ,…………………. ज़रूरी थी,
वर्ना उसको अपनी मंज़िल का पता नहीं मिलता..
वर्ना उसको अपनी मंज़िल का पता नहीं मिलता..
क्योंकि अब हम वो नहीं रहे जिसे तुम छोड़ कर गए थे..
आँखो में तो बहुतो के खटकते हैं !!
जो लोग बुरा मानते हैं मायने नहीं रखते हैं जो लोग मायने रखते हैं वो बुरा नहीं मानते.