मस्त विचार 4569
“मुझे वहाँ से पढ़िए __ जहाँ से मैं ख़ामोश हूँ।”
कीमत तुम्हारी और किस तरह समझाएं तुम्हे ।
जितना ख़ाली होता है एक भरा हुआ मन.
क्योंकि वो मुझे उतना ही समझेंगे जितनी उनमे समझ है..!!
_ चेहरे परख लेने की बुरी आदत है मुझे..!!
अब हम लोगों से नहीं खुद से इश्क़ करते हैं.