| Dec 25, 2020 | मस्त विचार
जो साज से निकली है…….वो धुन सबने सुनी है,
जो तार पे गुजरी है…….वो दर्द किसको पता है !
| Dec 24, 2020 | मस्त विचार
मुझे चाहिए कोई मेरे ही जैसा,
किसी बेहतर से मेरी बनती नहीं..!!
| Dec 23, 2020 | मस्त विचार
ज़िन्दगी मेला दिखाने ले गई थी एक दिन,
_ और फिर उँगली छुड़ा कर भीड़ में गुम हो गई !
ज़िन्दगी समझ नहीं आई तो, मेले में अकेला,
और समझ आ गई तो, अकेले में मेला..!!!
दुनिया में ज़िंदगी के ये मेले कम नहीं होंगे, अफ़सोस हम न होंगे.
_ इन मेलों में झमेले भी हैं, पर फिर भी इंसान इनके बीच ही जीना चाहता है.!!
| Dec 22, 2020 | मस्त विचार
जरा अदब से गुजरिए हमारे जेहन से जनाब,
हमारी खामोशियों का भी अपना रुतबा है….
| Dec 21, 2020 | मस्त विचार
राजी रहा करो खुदा की रजा में,
तुमसे भी बहुत मजबूर इंसान है इस जहां में !!
| Dec 20, 2020 | मस्त विचार
पहचान कहाँ हो पाती है अब इंसानों की,
अब तो, गाड़ी, कपड़े और जूते लोगों की औकात तय करते हैं.