मस्त विचार 2970
ढूंढोगे अगर तो ही रास्ते मिलेंगे,
मंजिलों की फितरत है खुद चलकर नहीं आती.
मंजिलों की फितरत है खुद चलकर नहीं आती.
ठीक से सोचो तो यही सत्य है…!!!
बुरे वक़्त में काम आएंगे….
खुशबू खुद बता देती है कौन सा फूल है.
लेकिन अगर बात ऊंची होगी तो बहुत लोग सुनेंगे…
अब कोई अच्छा भी लगे तो हम इजहार नहीं करते.