मस्त विचार 2815
वहाँ खुद को समझा लेना बेहतर होता है….
वहाँ खुद को समझा लेना बेहतर होता है….
और लोग उसे ग़रूर समझते हैं..!!
आदमी कुछ खोता ही रहा, कुछ पाने के लिए..
_ लेकिन घृणा एक पूरी तरह से सफ़ल हुए व्यक्ति को भी नीचे गिरा देती है ..
दिलो को ख्वाहिशों को और हवा दे देना आपके वास्ते यह साल नया आया है !
मानो जैसे जनवरी को बेहद तकलीफ़ हुई है दिसम्बर के गुजर जाने का….
उसी तरह मुबारक हो आपको 2021, 2020 के बाद !
ये साल हमारी हिम्मत में कुछ नए सितारे टाँकेगा,
इस साल अगर हम अंदर से दुःख की बदली को हटा सके,
तो मुमकिन है इसी साल हम सबमें सूरज झांकेगा..
खुदा करे ये नया साल आप सबको रास आये.
बाकी # करतुते तो # हमारी वही रहने वाली है__!!
इस नए साल को गले लगाइये..
अब नए साल को गले लगाएं !
करते हैं दुआ हम रब से सर झुका के,
इस साल के सारे सपने सबके पूरे हो जाएं !
थोड़ा खयाल अपने आप का भी रखना है.
नए साल में नई शुरुआत कीजिए…
उम्मीद है कि तू 2020 की तरह ना निकले.
Fake लोगों से हमेशा 2 गज दूरी बनाकर रखना…
मेरे ख़्वाब मेरे सपने वही रह गए और..
मैं अपनी कल्पनाओं में ही खो के रह गया,
फिर वही नयी उम्मीदें, नयी कल्पना लिए,
देखते ही देखते फिर से नया साल आ गया,
कुछ नया ना होगा, रह जायेंगे सपने अधूरे,
बदल के साल का नंबर एक और साल चला गया,
बदले मेरी ज़िन्दगी का भी रंग कुछ इस तरह,
और कहु देखों, मेरा भी साल नया आ गया,
फिर वही नयी उमीदें, नयी कल्पना लिए,
देखते ही देखते फिर से नया साल आ गया.
लेकिन सिखा तूने बहुत कुछ दिया..
कुछ दिन समझौते कीजिए, शिकायत नहीं..
कुछ दिन समझदारी दिखलाइये, गुस्सा नहीं..
बस कुछ दिन की ही तो बात है भैया…
पर जाते जाते जिंदगी के बहुत सारे सबक दे गया..
यारों_ दुआ करना अगला साल मुलाकातों में बीते..!!
ये आंखें इसी साल में कई बार भरी हैं,
आंखें तो यूं भी पहले भी भरती रहीं अक्सर,
पर इस बरस ये आंखें लगातार भरी हैं.
हर कठिनाई कुछ राह दिखा ही देती है.
दुनिया को बहुत दर्द 2020 दे गया.
क्योंकि तूने हमें मजबूत भी बनाया है..
ये वक्त भुलाइये नहीं…..इसकी सीख हमेशा याद रखिए.
जिसके सबक हमें उम्रभर काम आएंगे.
पर यह साल #अपनों के साथ रहना सीखा गया !
” और जो अकेला रहेगा, वह कभी बीमार नहीं होगा “
वक़्त ने कैसा सितम ढाया की दूरियां ही दवा हो गईं,,,
हर किसी ने अपना रंग दिखाया..
मैंने तो साल भर, लोगों को रंग बदलते देखा है ..
क्यूंकि इस साल में ना जाने कितनो के चेहरे से नकाब उतर गए जनाब ,
वो अच्छा था कि कम से कम दिखावे के लिए ही सही अपने तो कहलाते थे.
हम एक साथ इतने लोगों का दुख न देख पायेंगे
बहुत कुछ सिखा दिया हालातों ने, और बाद में सीख जायेंगे.
लोगों से दूर रहने में ही फायदा है..
फिर ढूंढ़ते फिरोगे हमें जनवरी की सर्द रातों में…
इस एक साल ने जैसे सब कुछ छीन लिया..
देखते ही देखते एक और साल गुजर गया.
मेरी बर्बादी में शामिल पूरा साल रहा..
हमने सालों को ख़त्म होते देखा दिसम्बर में !
जबकि करना अगले साल भी कुछ नहीं..!!!
साल ये भी जाने वाला है.
कट कम रहा है….काट ज्यादा रहा है…
साल तो हर साल बदलता है.
हंसो और हँसाओ, चाहे जो भी हो पल, खुशियाँ लेकर आयेगा आने वाला कल..
चलो जश्न उनका मनाऐं कहीं…
कुछ ही लम्हों में साल होगा नया…
चलो हँस के लम्हे बिताऐं कहीं….
झूम लो, गा लो, माफ कर दो, मना लो, हँस लो …
क्योंकि ये साल फिर लौट के ना आएगा..
साल ऐसे गुज़रा जैसे कोई मेहमॉं आकर वापस अपने घर गया..
ये साल भी आखिर बीत गया..!!
लो इक्कीसवीं सदी को, इक्कीसवाँ साल लग रहा है.
हर हसीं चेहरों पे नक़ाब पहना गया,
इंसान से इंसान को दूर दूर करके, फासलों के दरमियाँ,
सलीका प्यार का सिखला गया !!
साल जैसा भी था 2020 गुज़र गया, चला गया !!
कल का सबेरा हो खूबसूरत, और हर घर में खुशियां छाये…
कुछ नया होता है .. कुछ पुराना पीछे रह जाता है,
कुछ ख्वाहिशें दिल में रह जाती हैं .. कुछ बिन मांगे मिल जाती हैं ..
कुछ छोड़ कर चले गये .. कुछ नये जुड़ेंगे इस सफर में ..
कुछ मुझसे खफा हैं … कुछ मुझसे बहुत खुश हैं ..
कुछ मुझे भूल गये .. कुछ मुझे याद करते हैं ..
कुछ शायद अनजान हैं .. कुछ बहुत परेशान हैं,,
कुछ को मेरा इंतजार है .. कुछ का मुझे इंतजार है ..
कुछ सही है .. कुछ गलत भी है.
कोई गलती हो तो माफ कीजिए ..और
कुछ अच्छा लगे तो याद कीजिये..