मस्त विचार 2657
एक अज़ब सी जंग छिड़ी है, इस तन्हाई के आलम मेँ.
आँखे कहती है की सोने दे, और दिल कहता है की रोने दे॥
आँखे कहती है की सोने दे, और दिल कहता है की रोने दे॥
महसूस ना करो तो बढ़ती कहाँ है…!!
जैसे हैं वैसे “कबूल” कीजिए.
सुना है दर्द बहुत देर तक साथ रहता है.
वो साथ भी नहीं, और हम आजाद भी नहीं.
जरुरत क्या है इतना दिमाग लगाने की,
हर इंसान समय से बदल जाता है,
बस तू सीख ले कला अपने को समझने की.