मस्त विचार 2908
मोम की तरह पिघलती है जिंदगी,
गमों की आग में जलती है जिंदगी,
ठोकर लगे तो गम मत करना,
ठोकर लगा कर संभालती है जिंदगी.
गमों की आग में जलती है जिंदगी,
ठोकर लगे तो गम मत करना,
ठोकर लगा कर संभालती है जिंदगी.
*मिलता वो ही है….जो हमने बोया होता है…..!!*
मुझे ढूंढ़ने की हद तक कोई ढूंढ़ता ही नहीं…!!
किवाड़ उसके हाथ में है वो खोले न खोले..
ये उसकी मर्जी है उसको वो खोले न खोले..
ज़िन्दगी जीने का होना चाहिए.
कोई पास ना हो फिर भी ये बहुत करीब होते हैं.