मस्त विचार 2856
औरों से मिलने में दुनिया मस्त है…..पर,
खुद से मिलने की सारी लाइने व्यस्त है.
खुद से मिलने की सारी लाइने व्यस्त है.
तुमने तो हमे उम्र भर का मुसाफिर बना दिया.
इक तेरी मुह्ब्ब्त ही काफ़ी है दुनियाए- सरकार हमको.
मगर मेरे अनुभव मुझे इसकी इजाज़त नहीं देते.
तब कहीं जाकर अपने पास आ पाए हैं.
लोग गलतफहमी में हैं, कि शायद कहीं मरहम बिकता है...