मस्त विचार 2645
क्या फर्क पड़ता है, असल में हम कैसे हैं,
जिसने जैसी राय बना ली, उसके लिए तो वैसे हैं.
जिसने जैसी राय बना ली, उसके लिए तो वैसे हैं.
गैरों की लाइन में सबसे आगे पाया अपनों को.
पता नहीं था, मुझसे भी लोग ऐसे खेला करेंगे…
और हम “विचारों” में उसे बड़ा बना लेते हैं.
मेरा ख्याल जिसे उम्र भर नहीं आया…
मुद्दत के बाद अपनी खबर चाहता हूँ मैं…