मस्त विचार 2636

कहाँ ये जानते थे कि रस्में उल्फ़त कभी यूँ भी निभानी होगी….

तुम सामने भी होंगे और हमें नज़रे झुकानी होगी…..

मस्त विचार 2634

ख्वाहिशों का मोहल्ला बहोत बड़ा होता है,

बेहतर यही है की हम जरूरतों की गल्ली में मुड़ जाएँ.

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