मस्त विचार 2832
मसला ये नहीं कि दर्द कितना है, _
_ मुद्दा ये है कि परवाह किसको है ..
_ मुद्दा ये है कि परवाह किसको है ..
ये जुदा बात है कि दर्द में भी आराम रहा.
बहुत मज़ेदार हो जाती है,”
_ दरअसल वो हमारी हिफाज़त होती है..
जो इतना सा भी याद नहीं रख पाते कि, सांच को आंच नहीं, “
बेघर हो गए हैं कमाते कमाते.