मस्त विचार 2627
दुनिया में आधे लोगों को आप की मुसीबत सुनने में कोई रस नहीं,
और बाकी आधे लोगों का खयाल है कि आप इसी लायक हो.
और बाकी आधे लोगों का खयाल है कि आप इसी लायक हो.
जो आपसे वह करवा लेती है, जिसे करना सबके वश में नहीं होता.
यहां मंजर खामोशियों का है तो फ़िर क्या किया जाये.
मगर कुछ खामोशियों के ज़ख्म तो और भी गहरे निकले !
बस जरा चुप हो जाएं तो सुनाई देगा.
पल दो पल साथ रह कर मेरी आदत ना खराब करो.