मस्त विचार 2738

मुझे तैरने दे या फिर बहना सीखा दे,

अपनी रजा में अब तू रहना सीखा दे,

शिकायत ना हो कभी भी किसी से,

सुख और दुख के पार जीना सीखा दे..

मस्त विचार 2737

शिकवा नहीं शुकराना सीख गए,

तेरी संगत में खुद को,,,,,,,झुकाना सीख गए,

पहले मायूस हो जाते थे,,,,,,,कुछ ना मिलने पर,

अब तेरी रज़ा में,,,,,,राज़ी रहना सीख गए,,,,!!

मस्त विचार 2733

किसे कहूँ अपना किसे कहूँ पराया,

जब सबको ही मेरे रब ने बनाया.

देख कर दिलों में भेद की दीवार, 

कभी मैं रोया कभी मुस्कुराया.

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