मस्त विचार 2695
सही वक़्त पर करवा देंगे हदों का एहसास,
कुछ तालाब खुद को समंदर समझ बैठे हैं.
मस्त विचार 2694
सिर्फ एक कदम उठा था गलत राहे शौक मे,
मंजिल तमाम उम्र मुझे ढूंढ़ती रही.
मस्त विचार 2693
रंजिश ही सही दिल ही दुखाने के लिए आ,
आ फिर से मुझे छोड़ के जाने के लिए आ.
मस्त विचार 2692
न तुम से बात हुई और न ही देखा तुमको…!!
आज का ये दिन इक उम्र बन के गुज़रा है..!!
मस्त विचार 2691
चाहो तो तुम भी हाल पूछ सकते हो हमारा…..
कुछ हक़…..दिए नहीं जाते…..लिए जाते हैं..





