मस्त विचार 2515
मैं दीपक हूँ, मेरी दुश्मनी तो सिर्फ अँधेरे से है,,,,
हवा तो बेवजह ही मेरे ख़िलाफ़ है !
हवा से कह दो कि खुद को आज़मा के दिखाए,,,,
बहुत दीपक बुझाती है, एक जला के दिखाए !!
हवा तो बेवजह ही मेरे ख़िलाफ़ है !
हवा से कह दो कि खुद को आज़मा के दिखाए,,,,
बहुत दीपक बुझाती है, एक जला के दिखाए !!
इसलिए न कोई सही न कोई ग़लत.
हार जाओ चाहे जिंदगी में सब कुछ, पर फिर से जीतने का हौसला रखो.
कि आपको देखकर के किसी निराश व्यक्ति की आखों में भी चमक आ जाए !
एक थमती नहीं…..दूसरी आ धमकती है.