मस्त विचार 2666
जिद कर ही बैठे हो जाने की, तो ये भी सुन लो,
खैरियत मेरी.. कभी गैरों से मत पूछना..!!
खैरियत मेरी.. कभी गैरों से मत पूछना..!!
सफ़लता-विफ़लता तो एकमात्र उदाहरण हैं ज़िंदगी का।
सफ़लता सिखाती है कि तुझे और ऊँचाईयों को है छूना।
विफ़लता सिखाती है गिर कर उठना और उठ कर संभलना
और ज़िंदगी में और अधिक बेहतर कार्य हैं तुझको करना।
बस तुझे है चलते रहना।
तू चल, मिठे लगेंगे ज़िंदगी के कड़वे पल
बस तू चल।…..
क्यूँकि हम अपनो का साथ, खुद से भी ज्यादा निभाते हैं.!!
मंजिल तमाम उम्र मुझे ढूंढती रही.
सम्भालने की भी एक हद होती है.
जिन्हें दुनिया कुछ करने लायक नहीं समझती.