मस्त विचार 2473
अज़ीब सा तमाशा चल रहा है इस दुनिया में
सब नाच रहे हैं
कुछ अपनी मर्जी से कुछ किस्मत की मर्जी से.
सब नाच रहे हैं
कुछ अपनी मर्जी से कुछ किस्मत की मर्जी से.
जो इस दौर में भी आपको वक़्त देता है.
जिनको साथ नहीं चलना होता, वो अक्सर रूठ जाया करते हैं.
इसी से अपनी सफलता का आकलन करें.
दर्द कुछ ऐसे है जो बस भीतर ही भीतर पलते हैं.
वर्ना बैचेन तो हर शख्स जमाने में है.