मस्त विचार 2450
यह ज़िंदगी भी बड़ी ज़ालिम है, _
_ एक ज़ख्म भरता नहीं कि, _ यह एक और ज़ख्म दे देती है..
_ एक ज़ख्म भरता नहीं कि, _ यह एक और ज़ख्म दे देती है..
मजबूरियों को मत कोसो, हर हाल में चलना सीखो.
मगर तब तक कई लोग, मेरे दिल से उतर जाएंगे…
और नाकामयाब लोग दुनिया के डर से अपने फैसले बदल लेते हैं.
आज कल मनाने का रिवाज़ खत्म हो गया है.
कल हार कर सोये थे, आज फिर एक, नई शुरुआत करेंगे !!