मस्त विचार 2612
यु ही आँखों से आंसु बहते नही,
किसी और को हम अपना कहते नही,
एक तुम ही हो जो रुक से गये हो जिंदगी में,
वरना रुकने के लिये हम किसी को कहते नही.
किसी और को हम अपना कहते नही,
एक तुम ही हो जो रुक से गये हो जिंदगी में,
वरना रुकने के लिये हम किसी को कहते नही.
और खुद खुदसे पूछना भूल जाते हैं की हम किसके हैं.
दरवाज़े तक जो आया है अंदर भी आएगा !!
और उससे भी बहुत कम है जो मुझे समझ पाते हैं.
जहाँ मंजिले होगी अपनी.* कोई तो ऐसी ज़मीं होगी..*****
ना कोई आगे चलता है और ना कोई पीछे छूटता है !