मस्त विचार 2601
एक सुकून की तलाश में जाने कितनी बेचैनियां पाल लीं,
और लोग कहते हैं हम बड़े हो गए, हमने जिंदगी संभाल ली.
और लोग कहते हैं हम बड़े हो गए, हमने जिंदगी संभाल ली.
आपके पास जितना है, न जाने कितनों के पास उतना भी नहीं.
वरना यूँ समझ लो कि वो जबरदस्ती ज़िंदा है.
ज़िन्दगी रह गई.. भारी भारी….
तुम इक दफ़ा मुझसे, मिलना कभी !!
वक्त ही तो है….बदल जाएगा…