मस्त विचार 2589
स्टेशन जैसी हो गयी है ज़िन्दगी,
जहां लोग तो बहुत हैं, पर अपना कोई नहीं…
जहां लोग तो बहुत हैं, पर अपना कोई नहीं…
जो छोड़ दे बीच मे हाथ, उस हाथ का भी “धन्यवाद”
वक़्त उसे एक दिन साबित कर ही देगा.
पर भीग कोई कोई ही पाता है.
ये तभी मुस्कुरायेगी जब आप मुस्कुरायेंगे.