मस्त विचार 2402
मेरे अपनों ने…यह तहजीब भी… सीखा दी मुझे…
रोते हुए सो जाओ, मगर शिकवा ना करो..!!
रोते हुए सो जाओ, मगर शिकवा ना करो..!!
और किसी को मनाना…
अब जिसको मिलना है मिले…बात करना है करें…वरना आगे बढ़ें…
मगर वो ये साबित कर ही देते हैं कि वो गैर हैं…
_ तूने चाहा है एक इंसान बनना, ये चाहत भी कोई कम नहीं है रे ..
मैंने चुप रह के बाज़ी पलट दी..
तुम अपने आप को खुद ही बदल सको तो चलो..