मस्त विचार 2594
मुझे ढूंढ़ने की कोशिश अब ना किया कर,
तूने रास्ता बदला तो मैंने मंज़िल बदल ली.
तूने रास्ता बदला तो मैंने मंज़िल बदल ली.
और एक सच ये भी है.. इसे और कहीं ढूँढना संभव नहीं.
हम कैसे हैं, ये कभी भूल कर भी नहीं सोचा….
आप खुद अपनी नज़र के पिंजरे में कैद हो.
और जैसे हम हैं, वैसा तुम सोच भी नहीं सकते.
जहां लोग तो बहुत हैं, पर अपना कोई नहीं…