मस्त विचार 2600
शिकायत छोड़िए शुक्रिया अदा कीजिए,
आपके पास जितना है, न जाने कितनों के पास उतना भी नहीं.
आपके पास जितना है, न जाने कितनों के पास उतना भी नहीं.
वरना यूँ समझ लो कि वो जबरदस्ती ज़िंदा है.
ज़िन्दगी रह गई.. भारी भारी….
तुम इक दफ़ा मुझसे, मिलना कभी !!
वक्त ही तो है….बदल जाएगा…
जो खुशबु भी दूसरों को देता है और टूटता भी दूसरों के लिए ही है…