मस्त विचार 2553
मैंने अहसास के धागे में पिरोया है तुम्हे,
टूट अगर हम गए तो बिखर तुम भी जाओगे.
टूट अगर हम गए तो बिखर तुम भी जाओगे.
लेकिन पता सब है कि कौन कितने पानी में है.
कोई अपना दुखी ना हो इसलिए सदा हँसते हैं हम..
इतना टुटा हूँ कि अब और टूटने की हिम्मत नहीं है.
कौन मांगे खुशियो की दुआ जिस दर्द मे खुदा मिले.
मगर ये सब मुमकिन नहीं हवाओ से रिश्ता किये बगैर.