मस्त विचार 2559
एक ट्रक के पीछे एक बड़ी अच्छी बात लिखी देखी.
“ज़िन्दगी एक सफ़र है, आराम से चलते रहो
उतार-चढ़ाव तो आते रहेंगें, बस गियर बदलते रहो”
“ज़िन्दगी एक सफ़र है, आराम से चलते रहो
उतार-चढ़ाव तो आते रहेंगें, बस गियर बदलते रहो”
पर…उनको मेरी जरुरत होती तब…
बरसों से पड़े गुमसुम घरों को आबाद कर गया.
ग़मों की धूप के आगे ख़ुशी के साये हैं.
अब तू ही बता अब इस से ज़्यादा और कैसे चाहूँ तुझे..
जिस दिन पत्थर बना, लोगों ने देवता मान लिया.