मस्त विचार 2469
ना आँखो से छलकते है, ना कागज पर उतरते हैं
दर्द कुछ ऐसे है जो बस भीतर ही भीतर पलते हैं.
दर्द कुछ ऐसे है जो बस भीतर ही भीतर पलते हैं.
वर्ना बैचेन तो हर शख्स जमाने में है.
जो तेरे कदमों पे गिरते हैं संभल जाते हैं..!!
किसी को इतना न जानो कि दूरियाँ हो जाये !!
रूठने की बजाय.. बस हल्के से मुस्कुरा देते हैं….
*तुम वो गैर हो जिसे मैंने एक पल में अपना माना…*